कुम्भ मेला पुलिस

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1. परिचय

आस्था, विश्वास, सौहार्द एवं संस्कृतियों के मिलन का पर्व है “कुम्भ”

“कुम्भ” संस्कृत भाषा का एक शब्द है जिसका अर्थ है “कलश ” |

“मेला” का शाब्दिक अर्थ है “उत्सव” |

खगोल गणनाओं के अनुसार यह पर्व मकर संक्रांति के दिन से प्रारम्भ होता है, जब सूर्य और चन्द्रमा, वृश्चिक राशि में और बृहस्पति, मेष राशि में प्रवेश करते हैं। मकर संक्रांति के होने वाले इस योग को “कुम्भ स्नान-योग” कहते हैं एवं इस दिन को विशेष रूप से मांगलिक माना जाता है| हर 12वें वर्ष कुम्भ पर्व निम्न तीर्थ स्थानों पर आयोजित किया जाता है :-

  • प्रयाग
  • हरिद्वार
  • नासिक
  • उज्जैन

2. शाही स्नान की तिथियां

  • 15 जनवरी 2019: मकर संक्रांति (पहला शाही स्नान)
  • 21 जनवरी 2019: पौष पूर्णिमा
  • 04 फरवरी 2019: मौनी अमावस्या (मुख्य शाही स्नान, दूसरा शाही स्नान)
  • 10 फरवरी 2019: बसंत पंचमी (तीसरा शाही स्नान)
  • 19 फरवरी 2019: माघी पूर्णिमा
  • 04 मार्च 2019: महा शिवरात्री

करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा मेले का सुगम संचालन एक चुनौती भरा कार्य है जो कुम्भ मेला पुलिस तथा मेला प्रशासन का उत्तरदायित्व है|

ब्रिटिश शासन काल में, कुम्भ आयोजन में किसी प्रकार की शासकीय सहायता नहीं मिलती थी तथा अखाड़े व प्रयागवाल सभा अपने स्तर पर आयोजन कराते थें| वर्ष 1953-54 में कुम्भ में भगदड़ के कारण पूरी व्यवस्था के लिए मेला प्रशासन व मेला पुलिस का बंदोबस्त किया गया | जिसके परिणाम स्वरूप वर्ष 1965, 1977, 1989, 2001 तथा 2013 में मेला प्रशासन व मेला पुलिस के सफल पर्यवेक्षण में मेले का आयोजन सुरक्षित रूप से सम्पन्न हो सका |

दशकों से किए जा रहे इस महा आयोजन के सफल प्रबंधन ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकृष्ट किया है, जो पूरे देश के लिए एवं विशेषकर उत्तर प्रदेश पुलिस के लिये गर्व एवं प्रशंसा का विषय है।

वर्ष 2013 में लगभग 10 करोड़ श्रद्धालु कुम्भ में पहुंचे तथा लगभग 3 करोड़ श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज के विभिन्न घाटों पर पवित्र स्नान किया |

कुम्भ 2019 में लगभग 12 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन प्रयागराज में संभावित है | उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी की दूरदर्शिता एवं कुशल निर्देशन में उत्तर प्रदेश सरकार ने कुम्भ को दिव्य एवं भव्य बनाने के लिये कठिन परिश्रम किया है तथा उत्तर प्रदेश पुलिस भी इसे सुरक्षित कुम्भ बनाने हेतु पूरी तरह तैयार है |

सुरक्षित कुम्भ हेतु समग्र सुरक्षा का कवच बनाया गया है जिसके लिये एक अचूक रणनीति बनायी गयी है |

अत्याधुनिक संसाधनों एवं तकनीक का उपयोग, अति प्रशिक्षित पुलिस बल, गहन प्रशिक्षण, गोपनीय सूचना एकत्रीकरण, आतंकी गतिविधियों के त्वरित उत्तर हेतु तैयारी, आपदा प्रबंधन, डिजिटल खोया पाया केंद्र, जियो टैग्ड थाने एवं पार्किंग स्थल, आई॰सी॰सी॰सी॰, सोशल मीडिया एवं जन मानस तक पहुंचने के लिये एप्स का प्रयोग आदि सुरक्षित कुम्भ के अवयव हैं।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने सुरक्षित कुम्भ हेतु अपनी सभी इकाइयों एवं अन्य विभागों से भी समन्वय बनाया है।

चाहे वह ए.टी.एस., एस.टी.एफ.,पी.ए.सी., यूपी 100, एल.आई.यू., वायरलेस, घुड़सवार पुलिस, जल पुलिस, अग्नि शमन सेवाएँ, जी.आर.पी., डॉग स्क्वाड, यातायात पुलिस, बी.डी.डी.एस., ए.एस. चेक टीम, बारूदी सुरंग रोधी दल, होमगार्ड, पी.आर.डी., अर्ध सैनिक बल, एन .डी.आर.एफ. , एन.एस.जी. कमांडो, सभी करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं |

3. कुम्भ मेला पुलिस की संगठनात्मक संरचना

4. कुम्भ में विभिन्न पुलिस इकाइयां

5. कुम्भ पुलिस सामान्य पुलिस से अलग क्यों है ?

कुम्भ पृथ्वी पर श्रद्धालुओं का सबसे बड़ा समागम है जिसे सुरक्षित रूप से आयोजित कराना पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, अग्नि नियंत्रण, यातायात एवं वी0वी0आई0पी0 बंदोबस्त के अतिरिक्त कुम्भ में तैनात पुलिस कर्मियों एवं अधिकारियों को कुम्भ में आने वाले श्रद्धालुओं के प्रति उच्च कोटि का सेवा भाव रखना होता है एवं उनके प्रति सद्भाव का उदाहरण पेश करना होता है।

कुम्भ मेला पुलिस मेले के दौरान आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है एवं श्रद्धालुओं के जीवन में कुम्भ मेले को यादगार बनाने में हर संभव प्रयास कर रही है।

  • कुम्भ मेले में तैनात पुलिस कर्मियों एवं अधिकारियों को इस प्रकार प्रशिक्षित किया गया है कि वे मेले में आने वाले आगंतुकों एवं श्रद्धालुओं के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य कर सकें। इस उद्देश्य से संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को जिले एवं मेला क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व, प्रमुख कर्मकांडों एवं स्थानीय धार्मिक स्थलों का ज्ञान भी प्रदान किया गया है।
  • कुम्भ मेले में आने वाले आगंतुकों एवं श्रद्धालुओं विशेषकर महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों एवं विदेशियों के प्रति विनम्र व्यवहार एवं सद्‍भाव प्रदर्शित करना कुम्भ मेला पुलिस की प्राथमिकता है। इस वर्ष अनुमानित 5000 प्रवासी भारतीयों एवं 10 लाख विदेशी पर्यटकों की आने की संभावना है। अतः इस ऐतिहासिक अवसर पर हम अपने पुलिस कर्मियों एवं अधिकारियों को सॉफ्ट स्किल में प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालु उत्तर प्रदेश पुलिस की एक मधुर स्मृति अपने मन में लेकर जाएँ।
  • पुलिस प्रशासन द्वारा हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि सभी पुलिस कर्मी जो कुम्भ 2019 के दौरान तैनात किए जाएंगे वे अपने विचार, (शब्द-व्यवहार) एवं कार्यों के माध्यम से सर्वोच्च मानकों के आचरण का प्रदर्शन करें। सभी कर्मियों को यह निर्देश दिये गए हैं कि वे अनुशासन एवं व्यवहार के उच्च मापदंडो को कुम्भ के दौरान स्थापित करें तथा आगंतुकों एवं पर्यटकों के साथ मैत्रीभाव का आचरण अपनाएँ |

6. कुम्भ 2019 के दौरान कुम्भ मेला क्षेत्र एवं जनपद में स्थापित थाना एवं चौकियों का जोन एवं सेक्टर-वार विवरण

जोन सेक्टर थाना चौकी
  1. परेड
1- महामना मालवीय पार्क 1-महामना मालवीय पार्क 1. मुखर्जी सेतु उत्तरी
2. त्रिवेणी रोड
3. बोट क्लब
4. प्रदर्शनी
2-सरस्वती घाट
2- एम० जी० मार्ग 5. नया पुल
6. बैरहना
3-एम0 जी0 मार्ग 7. जी0 टी0 जवाहर
8. काली एक्सटेंशन पार्किंग (प्लाट नं० 17)
9. पीपा पुल वर्कशाप (पार्किंग)
4-अलोपी बाग 10. आलोपी देवी मंदिर
11. गल्ला मण्डी (पार्किंग)
3- परेड 5-परेड कुम्भ
6-कोतवाली कुम्भ 12. वी० आई० पी०
4. महिला 7. महिला थाना परेड कुम्भ
8. महिला थाना दक्षिणी झूंसी
9. महिला थाना अरैल
2. संगम 5. अक्षयवट 10. अक्षयवट 13. पातालपुरी
6. महावीर जी 11. महावीर जी
7. संगम 12. संगम 14. संगम
8 जल पुलिस 13. किला घाट जल पुलिस
14. लोवर संगम जल पुलिस 15. जल पुलिस उत्तरी झूंसी
15. सच्चा बाग जल पुलिस
3. लाल बहादुर शास्त्री सेतु 9. लाल बहादुर शास्त्री सेतु 16. लाल बहादुर शास्त्री सेतु 16. मोरी
17. जी० टी० दारागंज 17. हरिशचन्द्र मार्ग
10. नागवासुकी 18. नागवासुकी 18. नागवासुकी
19. सलोरी
20. बडा बघाडा (पार्किंग)
21. बक्शी बांध कछार (पार्किंग)
19. गंगेश्वर महादेव 22. गंगेश्वर कछार (पार्किंग)
20. नारायनी आश्रम
21. बेला कछार (फाफामऊ) 23. बेला कछार (पार्किंग)
4. अखाड़ा 11. अखाड़ा 22. अखाड़ा 24. अखाड़ा
5. उत्तरी झूंसी 12. उत्तरी झूंसी 23. उत्तरी झूंसी 25. रामानुज रोड
26. उत्तरी झूंसी
24. रामजानकी 27. समयामाई मंदिर
28. समयामाई (पार्किंग)
25 जनेश्वरपुरम
6. अन्न क्षेत्र 13. अन्न क्षेत्र
14. कल्पवासी
26. जी० टी० झूंसी 29. मनसईता
30. चीनी मिल (पार्किंग)
27. अन्न क्षेत्र 31. बदरा
32. पूरे सूरदास (पार्किंग)
33. अन्न क्षेत्र
34. पूरे सूरदास पार्किंग
28. कल्पवासी 35. भारद्वाज मार्ग
36. हर्षवर्धन मार्ग
7. दक्षिणी झूंसी 15. गंगा प्रसार क्षेत्र 29. गंगा प्रसार क्षेत्र 37. गंगा नोज
38. नवघाट
30. दक्षिणी झूंसी 39. नया पुल
40. समुद्र कूप
16. त्रिवेणी पुरम 31. त्रिवेणी पुरम 41. अंदावन
32. रोडवेज झूंसी 42. पेट्रोल पम्प
43. रोडवेज वर्कशाप पार्किंग
17. कोतवाली झूंसी 33. चक हरिहर वन 44. महुआ बाग (पार्किंग)
45. शास्त्री ब्रिज (पूर्वी)
34. कोतवाली झूंसी कुम्भ 46. मुक्ति मार्ग
47. टीकर माफी
18. छतनाग 35. छत नाग चौराहा 48. बेनी माधव
49. एच० आर० आई० पार्किंग
36. नागेश्वर महादेव 50. नागेश्वर महादेव (पार्किंग)
8. सोमेश्वर महादेव 19. सोमेश्वर महादेव 37. सोमेश्वर महादेव 51. अरैल घाट (पूर्वी)
38. द्वादश महादेव (टूरिज्म) 52. देवरख (पार्किंग)
9. अरैल 20. अरैल 39. कोतवाली अरैल कुम्भ 53. अरैल (आबादी)
54. अरैल घाट (पश्चिम)
55. नैनी बस स्टैण्ड
40. मुखर्जी सेतु कुम्भ 56. लेप्रोसी चौराहा
57. गजिया मोड
58. नव प्रयाग (पार्किंग)

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