क्या करें, क्या नहीं

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1. कुम्भ के दौरान क्या करें

  • कुम्भ के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर, श्रद्धालु कृपया हमारे हेल्पलाइन नंबर 100/1920 अथवा कंट्रोल रूम में संपर्क करें।
  • सार्वजनिक वाहनों को निर्धारित किराये का ही भुगतान करें।
  • कुम्भ मेला के निकट पार्किंग स्थलों को विकसित किया जा रहा है। मेला क्षेत्र पहुंचने के लिए पार्किंग स्थल से शटल बस एवं सीएनजी ऑटो/ई-रिक्शा का इस्तेमाल करें।
  • प्रत्येक मुख्य मार्ग पर संबंधित क्षेत्र के यातायात प्रभारी तथा क्रेन चालक के मोबाइल नंबर उल्लिखित हैं, यदि आपको किसी भी प्रकार की कोई समस्या होती है तो कृपया संबंधित अधिकारी से संपर्क करें।
  • संबंधित विभाग द्वारा वाहनों के किराए निर्धारित किए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति निर्धारित किराए से अतिरिक्त पैसे की मांग करता है तो यात्री हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
  • ध्यान रहे श्रद्धालुओं की सुगमता के दृष्टिगत नगर के प्रमुख मार्गों पर साइन बोर्ड स्थापित किए गए हैं, जिनपर संगम क्षेत्र एवं पार्किंग स्थल के बीच की दूरी की सूचना वर्णित होगी।
  • ध्यान रहे श्रद्धालुओं की सुगमता के दृष्टिगत नगर के प्रमुख मार्गों पर साइन बोर्ड स्थापित किए गए हैं जिनपर ट्रेनों की समय सारणी वर्णित होगी।
  • बोटिंग करते समय नाव पर उपलब्ध लाइफ जैकेट का इस्तेमाल अवश्य करें।
  • यह सुनिश्चित कर लें की साथ आए परिवार के सदस्यों के पास उनका पहचान पत्र अथवा नाम, पता, मोबाइल नंबर की पर्ची अवश्य रखी हो।
  • वाहनों पर सही नंबर प्लेट एवं वाहन के सही कागज होने चाहिए।
  • ट्रेन में सफर करते समय नियमों का पालन करें।
  • प्लेटफॉर्म पार करते समय फुट ओवर ब्रिज का ही इस्तेमाल करें।
  • आग्नि संबंधी समस्या उत्पन्न होने पर आग-आग चिल्ला कर आसपास के लोगों एवं टेंट में रह रहे लोगों को सचेत करें। संबंधित क्षेत्र के पुलिस/फायर फाइटिंग स्टेशन अथवा कंट्रोल रूम को बिना विलम्ब इसकी सूचना दें।
  • आपातकाल की स्थिति में धैर्य से काम लें एवं निकटवर्ती अग्निशम्न उपकरण का प्रयोग करें।
  • अपने निकटवर्ती निकास स्थल का ध्यान रखें एवं आपातकाल स्थिति में उसका इस्तेमाल करें।
  • अपना कार्य़ करते रहें तथा सार्वजनिक घोषणा प्रणाली को ध्यानपूर्वक सुनते रहें। दिए जा रहे निर्देशों का पालन करें।
  • अपने टेंट के नजदीक ड्रम में बालू तथा पानी भरकर रखें, जिससे आग लगने पर इसका इस्तेमाल किया जा सके।
  • आपातकाल स्थिति में टेंट में मौजूद बच्चों तथा सभी व्यक्तियों को बिना किसी विलम्ब के एक सुरक्षित स्थल पर ले जाएं। टेंट में बंधी रस्सी को काट दें जिससे आसपास के टेंट में आग लगने का खतरा कम हो सके एवं स्टेशन को तुरंत सूचित करें।
  • सभी फ्रिल्स, तंबू और इसके साथ जुड़े रस्सी को काट दें। आग के प्रकोप को हतोत्साहित करने के लिए लकड़ी की रॉड को हटा दें।
  • यदि एलपीजी सिलिंडर में आग लग जाती है तो उसे लेटाए नहीं। कोशिश करें की सिलिंडर को खड़ी अवस्था में रखें तथा जिस भाग में आग लगी है उसे गीले कपड़े से लपेट दें। रिसाव बिंदु को बंद करने का प्रयास करें।
  • जब तक अग्निशमन सहायता आप के पास न पहुंचे, आग बुझाने का हर संभव प्रयास करें।
  • जब अग्निशमन विभाग के वाहन आएं तो कृपया उन्हे जाने का रास्ता दें।
  • जटिल परिस्थिति में अधिकारियों के साथ सामंजस्य स्थापित करें एवं उनकी सहायता करें।
  • जलती बीड़ी, सिगरेट अथवा माचिस को यहां वहां न फेंके। आपकी सजगता ही आपकी सुरक्षा है।
  • यात्रा करते समय हल्का सामान अपने साथ लाएं तथा ऊनी वस्त्र अवश्य लाएं।
  • मेला क्षेत्र में चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध रहेगी, पर यदि डॉक्टर द्वारा किसी प्रकार की दवा आपको नियमित रूप से लेने की सलाह दी गई है, तो उसे यात्रा के दौरान अपने साथ अवश्य लाएं, जिससे किसी भी प्रकार की आपातकाल स्थिति से बचा जा सके।
  • अपने सामान को लॉकर रूम में रखें।
  • निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही अपने वाहन को पार्क करें।
  • यातायात पुलिस एवं साइनेज बोर्ड द्वारा निर्धारित मार्गों का ही प्रयोग करें।
  • पुलिस को आपकी सुरक्षा की चिंता है अतः पुलिस चेकिंग स्टाफ को उसकी ड्यूटी करने में सहयोग प्रदान करें।
  • किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में बिना विलंब किए पुलिस अथवा मेला प्रशासन को सूचना दें।
  • सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली अथवा साइनेज के माध्यम से दिए जा रहे निर्देशों को ध्यानपूर्वक सुनें।
  • भीड़ वाले इलाकों में कृपया अपने सामान एवं परिजनों की सुरक्षा का ध्यान रखें। किसी वस्तु अथवा व्यक्ति के खो जाने की परिस्थिति में नजदीकि खोया-पाया केंद्र पर तुरंत संपर्क करें।
  • मेला प्रशासन द्वारा आवंटित क्षेत्र/घाट पर ही स्नान करें।
  • स्नान करने के पश्चात घाट से प्रस्थान करें, जिससे उस स्थल पर अनावश्यक भीड़ न रहे।
  • सभी पवित्र स्थलों को साफ सुथरा बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें एवं पेपर के टुकड़ों, फलों के छिलकों एवं अन्य कचरे को डस्टबिन में ही फेंके।
  • अपनी यात्रा के दौरान सीट से अपने सामान को बांध लें एवं पाकेटमार और अपराधियों से सावधान रहें। यदि किसी भी व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध दिख रही है तो बिना विलम्ब करे सेवा में तैनात पुलिस अधिकारी, जीआरपी स्टेशन/चौकी अथवा कंट्रोल रूम नंबर 9454402546 पर सूचना दें।
  • जिस वक्त ट्रेन प्लेटफॉर्म से निकल रही हो उस वक्त विंडो सीट पर बैठे यात्री अपने आभूषणों तथा सामान का खास ध्यान रखें।
  • अपने स्थान पर खड़े होने, बैठने अथवा वहां से प्रस्थान करने से पूर्व उस स्थल पर मौजूद व्यक्तियों अथवा वस्तुओं का अवलोकन कर लें। यदि कोई संदिग्ध गतिविधि प्रतीत होती है तो इसकी सूचना प्रशासन को दें।
  • ट्रेन की चेन के अनावश्यक रूप से खींचना गैर-कानून है। ऐसा करना दण्डनीय अपराध है। संबंधित अपराधी को जेल अथवा जुर्माना अथवा दोनो की सजा दी जा सकती है।
  • प्लेटफॉर्म पार करते समय निर्धारित मार्ग का ही प्रयोग करें। रेलवे लाइन को क्रॉस न करें, इससे आप हादसे को आमंत्रण दे रहे होते हैं।
  • किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर अथवा हादसा होने की परिस्थिति में तुरंत जीआरपी से संपर्क करें।
  • अधिकृत कुली से ही अपना सामान उठवाएं तथा उसका बिल्ला नंबर अवश्य नोट कर लें।
  • कुम्भ मेला में घाट पर स्नान से पूर्व अपने परिवार जन या साथ आये लोगों के साथ घाट पर बने किसी निशान को अवश्य चुने और स्नान के बाद अपने लोगों की वही प्रतीक्षा करें।

2. कुम्भ के दौरान क्या न करें

  • किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने सामान की सुरक्षा करने को न कहें और न ही किसी अनजान व्यक्ति के सामान की देखरेख करें।
  • संगम स्नान को देखने हेतु ट्रेन की पटरी पर न खड़े हों।
  • अनावश्यक भीड़ न लगाएं एवं आपातकालीन वाहनों को जाने का रास्ता दें। रोड के मध्य में आपने वाहन न पार्क करें। ऐसा करने पर राहगीरों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
  • तंबुओं को तैयार करने में सिंथेटिक कपड़े का प्रयोग न करें।
  • खुले अग्नि स्त्रोतों जैसे हवन कुण्ड, स्टोव आदि का प्रयोग न करें।
  • टेंट के अंदर हायड्रोजन, छोटी एलपीजी सिलिंडर का इस्तेमाल न करें।
  • तंबू के अंदर इंसुलेटेडं का इस्तेमाल न करें। उच्च वोल्ट वाले विद्युतीय उपकरणों जैसे हीटर आदि का टेंट के अंदर प्रयोग न करें।
  • टेंट के अंदर कुछ जलाए नहीं।
  • ज्वलनशील पदार्थ जैसे पेट्रोल, मिट्टी के तेल आदि को टेंट के अंदर एकत्र न करें।
  • जिस वक्त वायु का वेग तेज़ हो उस वक्त खुले क्षेत्र में खाना न पकाएं।
  • जलती हुई मोमबत्ती अथवा खुले में अग्नि ले कर इधर-उधर न घूमें।
  • सिंथेटिक और फाइबर के कपड़ों को पहन कर आग के नजदीक न जाएं।
  • आपातकाल मार्गों पर किसी प्रकार का अवरोध न पैदा करें।
  • किसी भी ऐसे स्थान पर न जाएं जहां से निकास करने में समस्या हो।
  • अग्नि संबंधी आपातकालीन स्थिति में धैर्य न खोएं, संयम से काम करें।
  • जलती बीड़ी, सिगरेट को यहां-वहां न फेंके। किसी भी ज्वलनशील पदार्थ को फेंकने से पूर्व सुनिश्चित कर लें की वह पूर्ण रूप से बुझ गयी है।
  • अपने साथ किसी भी प्रकार का महंगा सामान न लाएं।
  • अजनबियों द्वारा दी गई खाद्य सामग्री का सेवन न करें।
  • अनाधिकृत स्थलों से खाद्य पदार्थ न ग्रहण करें।
  • किसी भी आपत्तिजनक टिप्पणी/गतिविधियों से दूर रहें, जिससे किसी प्रकार की कोई समस्या उत्पन्न होनी की संभावना हो।
  • कुम्भ के दौरान स्नान करने हेतु वॉटर बैरीकेडिंग की निर्धारित सीमा से आगे न जाएं।
  • घाट पर कपड़े न धोएं।
  • नदियों में पूजन सामग्री, साबुन अथवा डिटर्जेंट फेंकर उन्हे दूषित न करें।
  • निर्धारित स्थलों के अतिरिक्त सेल्फी न लें।
  • शौचालयों का प्रबंध किया गया है अतः खुले में शौच न करें।
  • यदि आप किसी प्रकार की बीमारी से ग्रसित हैं तो भीड़ वाले इलाकों में न जाएं। ऐसी परिस्थिति में मेला अस्पताल से संपर्क करें।
  • मेला क्षेत्र में प्लास्टिक प्रतिबंधित है, अतः प्लास्टिक का इस्तेमाल न करें।
  • किसी भी लावारिस वस्तु जैसे रेडियो, ब्रीफकेस, बैग, खिलौना, टिफिन अथवा अन्य विद्युत उपकरण को न छुएं। लावारिस वस्तु में विस्फोटक पदार्थ हो सकता है। यदि कोई ऐसी वस्तु दिखाई दे तो सेवा में तैनात पुलिस अधिकारी/रेलवे स्टाफ एवं जीआरपी/आरपीएफ स्टेशन/चौकी अथवा इमरजेंसी नंबर 1920/100 पर सूचना दें।

हेल्पलाइन नम्बर :100